जलजनित रोगों से बचाव के लिए एहतियात बरतें: डाॅ. उप्पल

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अनवर हुसैन। नालागढ़
मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डाॅ. राजन उप्पल ने लोगों से गर्मी और बारिश के मौसम में जल जनित रोगों से बचाव के लिए एहतियात बरतने की अपील की है।
डाॅ. उप्पल ने कहा कि गर्मी तथा बारिश के मौसम में डेंगू, पीलिया, स्क्रब टाईफस, गेस्ट्रोएनट्राइटिस, अतिसार तथा हैजा जैसे विभिन्न रोगों की रोकथाम के लिए समुचित पग उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन बीमारियों से बचाव के लिए सभी को सजग एवं जागरूक रहने की आवश्यकता है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि गर्मियों तथा बरसात के मौसम में उल्टी तथा दस्त रोग होने की सम्भावना अधिक रहती है। ररोग के गंभीर होने पर यदि समय पर उपचार न किया जाए तो निर्जलीकरण होने से गम्भीर संकट उत्पन्न हो सकता है।
उन्होंने कहा कि दस्त या उल्टियां होने पर शरीर में पानी एवं अन्य पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। उन्होंने आग्रह किया कि ऐसी स्थिति में बचाव के लिए तुरन्त समीप के स्वास्थ्य संस्थान में चिकित्सक से परामर्श लें और ओआरएस के घोल का सेवन करें तथा चिकित्सक की सलाह अनुसार संतुलित आहार लें। उन्होंने कहा कि जीवन रक्षक घोल (ओआरएस) का प्रयोग शरीर में पानी की कमी को दूर करता है। उन्होंने कहा कि लापरवाही होने पर यह बीमारी आन्त्रशोध व हैजे का रूप धारण कर सकती है।
डाॅ. उप्पल ने कहा कि जल जनित रोगों से बचाव के लिए केवल उबला हुआ पानी पीएं। उल्टी तथा दस्त लगने पर जीवन रक्षक घोल का प्रयोग करें। शौच के उपरान्त व भोजन से पूर्व हाथों को साबुन अथवा राख से अच्छी तरह धोयें और नाखुन साफ रखें। बीमारी के लक्षण होने पर रोगी को उसी मात्रा में पानी पिलाते रहें जिस मात्रा में पानी उसके शरीरे से निकल रहा है।

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