श्रीराम मंदिर निर्माण निधि समर्पण अभियान समिति की जिला बैठक बद्दी में सम्पन्न

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भारत की प्राचीन सबसे विराट और विशाल संस्कृति को संजाये है श्रीराम का मंदिर: दिनेश चन्द्र
अनवर हुसैन। बद्दी

विश्व हिन्दू परिषद की जिला बैठक बद्दी में सम्पन्न हुई। जिसमें मुख्य वक्ता के तौर पर वीएचपी के मुख्य संरक्षक दिनेश चन्द्र ने शिरकत की वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में महामण्डलेश्वर श्री श्री 1008 विकास दासजी उपस्थित रहे। बैठक की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष मास्टर सुरेन्द्र शर्मा ने की। बैठक का आयोजन राम मंदिर निर्माण हेतू निधि सर्मपण अभियान के तहत घर घर पहुंच कर राम भक्तों द्वारा जन जागरण अभियान की जानकारी हासिल करना था। वहीं राष्ट्रीय वक्ताओं द्वारा अपने संबोधन द्वारा राम भक्तों की उर्जा और उत्साह को गुणा बढाना भी था। मुख्य वक्ता दिनेश चन्द्र ने अपने सम्बोधन में जानकारी देते हुए बताया कि 5 अगस्त 2020 राम मंदिर भूमि पूजन निर्माण कार्य प्रारम्भ का 200 देशों में 16 करोड से अधिक लोगों ने लाइव प्रसारण देखा जोकि अब तक का सबसे बडा एतिहासिक क्षण है। राम मंदिर निर्माण का जागरण 1983 में तेज गति से आगे बढा तथा 6 दिसंबर 1992 को केवल साढे चार घंटों के अंदर राम भक्तों ने बाारी मस्जिद को विध्वंस कर दिया। उस समय 3000 से ज्यादा राम सेवकों ने बलिदान दिया। इस तरह अब तक राम मंदिर निर्माण के लिए 77 युद्व लडे गये और चार लाख से ज्यादा राम भक्तों ने बलिदान दिया। हम सब सौभाग्यशाली हैं कि हमारी आंखों के सामने ही नहीं हमें राम मंदिर निर्माण में अपनी आहूति डालने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए बहुत बडी बडी संस्थाये हजारों करोड रूपये लगाकर मंदिर बनाने के लिए उत्सुक हैं लेकिन मंदिर निर्माण न्यास समिति ने यह फैसला लिया है कि राम सम्पूर्ण भारतीयों की आस्था है और जन जन की आत्मा है इसलिए 4 लाख गांव के 11 करोड परिवारों से निधि समर्पण एकत्रित करके राम मंदिर बनाया जाएगा। और इसमें पूर्व से लेकर पश्चिम तथा उतर से लेकर दक्षिण तक आस्था का केन्द्र राम मंदिर के लिए दिल खोलकर जनता दान दे रही है। ऐसा भी देखने में आया है कि चौराहे पर भीख मांगने वाला भिखारी भी खडी कार में राम का स्टीकर देखकर 10 रूपये भीख लेने की बजाय 10 रूपये का सर्मपण राम मंदिर निर्माण हेतू दान में दे रहा है। इस तरह यह अभियान 15 जनवरी मकर संक्राति से शुर होकर 27 फरवरी माघ पुर्णिमा तक लगभग डेढ महीने तक हर घर तक पहुंचेगा। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि दिल खोलकर अधिक से अधिक दान दें जिससे कि मंदिर के इलावा अन्य योजनाएं भी तय समय पर पूरी हो सकें। उन्होंने बताया कि राम मंदिर की 70 एकड जमीन में से 6 एकड में मंदिर तथा शेष 64 एकड जमीन पर 4 लाख बलिदानियों की स्मृति का इतिहास लिखा जाएगा। इसके इलावा शोध केन्द्र, संग्रहालय, 1 लाख लोगों को एक साथ बैठने का हॉल भी तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार पूरे प्रकल्प के लिए 108 एक्ड भूमि की आवश्यकता है जिसके लिए आस पास के गांव भूमि देने के लिए तैयार हो गये हैं। इस अवसर पर 5 दर्जन से ज्यादा उद्योगपतियों तथा ब्यापारियों ने लाखों रूपये मंदिर निर्माण के लिए दान स्वरूप में दिया।

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