राजद्रोह मामले में फंसे पूर्व मुख्य संसदीय सचिव व कांग्रेस के पूर्व विधायक नीरज भारती को शिमला की स्थानीय अदालत ने 4 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा

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: राजद्रोह मामले में फंसे पूर्व मुख्य संसदीय सचिव व कांग्रेस के पूर्व विधायक नीरज भारती को शिमला की स्थानीय अदालत ने 4 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। भारती को आज बाद दोपहर सीआईडी ने जिला एवं सत्र न्यायालय चक्कर में पेश किया। सीआईडी ने कोर्ट से नीरज भारती को एक हफते का रिमांड मांगा। जांच एजेंसी की तरफ से दलील दी गई कि राजद्रोह मामले में नीरज भारती से काफी पूछताछ की जानी है, लिहाजा कम से कम एक सप्ताह तक का रिमांड मिलना चाहिए। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें को सुनने के बाद भारती को चार दिन के रिमांड पर भेजने का फैसला सुनाया। सीआईडी अब आगामी 30 जून को नीरज भारती को अदालत में पेश करेगी। नीरज भारती के वकील ने पत्रकारों को बताया कि यह राजनीतिक द्वेष की भावना से बनाया गया मामला है। लोकतंत्र में सबको अभिव्यक्ति की आजादी है। सीआईडी ने सात दिन का रिमांड मांगा है, लेकिन कोर्ट ने इसे अस्वीकार कर दिया और आगामी मंगलवार तक रिमांड पर भेजने के आदेश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि नीरज भारती की जमानत के लिए सैशन कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई है। जिस पर कोर्ट मंगलवार को सुनवाई कर सकता है। इससे पहले आज करीब दो बजे क्राइम ब्रांच की टीम नीरज भारती को अदालत लेेकर पहुंची, तो पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वह सरकार के खिलाफ संवैधानिक लड़ाई लड़ रहे हैं और इसे आगे भी लड़ते रहेंगे।
बता दें कि क्राइम ब्रांच ने पिछले कल शुक्रवार देर शाम नीरज भारती को गिरफ्तार किया था। शिमला निवासी अधिवक्ता की तहरीर पर गत 20 जून को क्राइम ब्रांच ने भारती के विरूद्व भारतीय दंड संहिता की धारा 124ए, 153ए, 504 व 505 के अंतर्गत मामला दर्ज किया था। शिकायत कर्ता के मुताबिक नीरज भारती ने फेसबुक पर कई आपत्तिजनक पोस्ट डाली है। इससे सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार के विरुद्ध घृणा तिरस्कार, वैमनस्य आदि का माहौल पैदा हुआ है। ऐसे संदेशों से दुष्प्रचार किया गया। आरोप है कि इससे देश के नागरिकों में घृणा फैलाने की कोशिश की गई है। उन्होंने आरोपित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।

Shimla से अनवर हुसैन की रिपोर्ट

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