चमोली : जुम्मा गांव में पानी का संकट लोगों को खेती करने में आ रही है परेशानी

Chamoli Uttarakhand

लोकेशन…. चमोली

रिपोर्ट नवीन सिंह

सीमांत घाटी का एक ऐसा गांव माना जाता है जिस गांव का नाम जुम्मा गांव है जिस गांव में अधिकांश भोटिया जनजाति के लोग निवास करते हैं. आपको बता दें कि जुम्मा गांव के लोग इस वक्त अपनी खेती बाड़ी को लेकर काफी दुखी है ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2021 में जिला योजना के अनुसार सभी ग्रामीणों के खेतों में सिंचाई नहर का निर्माण कार्य का काम होना था परंतु यह कार्य नहीं हो पाया है जिससे उनके खेती-बाड़ी पर काफी असर पड़ चुका है. कहा की सिंचाई नहर की जबकि स्वीकृति भी हो चुकी है लेकिन आज तक कोई भी कार्यवाही नहीं हो पाई है, बता दें कि तरह-तरह के आरोप भी लगा रहे हैं इस वक्त जुम्मा गांव के स्थानीय ग्रामीण, बताते चलें कि जुम्मा गांव के स्थानीय ग्रामीण 6 महीने इसी गांव में निवास करते हैं और 6 महीने कालेश्वर नामक गांव में निवास करते हैं, बड़ी बात तो यह है कि संबंधित विभाग की लापरवाही के कारण स्वयं जुम्मा गांव के स्थानीय ग्रामीणों ने स्वयं पहाड़ियों को काटकर जैसे तैसे कर कच्चे सिंचाई नहर का निर्माण कार्य किया ऐसे में जुम्मा गांव के सभी ग्रामीणों में इस वक्त संबंधित विभाग के खिलाफ काफी रोष है, वही बात करें नीति माणा समिति के अध्यक्ष मनोज रावत एवं स्थानीय ग्रामीणों की तो इनका कहना है कि सरकारी धन को ठिकाने लगाने का काम किया जा रहा है,

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