लाँजी पोखनी गांव के लोग मिलो मिलो पैदल चलने के लिए हो रहे हैं मजबूर

Chamoli Uttarakhand

चमोली

नवीन सिंह

जोशीमठ नगर का एक ऐसा सुदूरवर्ती गांव जिस गांव का नाम लाँजी पोखनी गांव है. आपको बता दें कि इस गांव में जाने के लिए वाहनों से नहीं बल्कि कई किलोमीटर खड़ी चढ़ाई पार करनी होती है. जी हां आपने सही सुना जहां पूरा देश तरक्की की राह में निकला हुआ है इंसान चांद पर पहुंच चुका है और आज भी जोशीमठ नगर का सुदूरवर्ती गांव लाँजी पोखनी विकास की राह में टकटकी लगाए हुए बैठा हुआ है. गौरतलब है कि इस गांव में जाने के लिए कई किलोमीटर खड़ी चढ़ाई पार करनी होती है और यहां के लोग कई वर्षों से अपने गांव मे सड़क जैसी सुविधा के लिए तरस रहे हैं. स्थानीय ग्रामीणों की मानें तो हम लोग काफी परेशान हो चुके हैं पैदल चल चलकर और हमारी कोई सुनने वाला नहीं है. स्थानीय ग्रामीणों का यह भी कहना है कि उन्होंने अपने गांव के सड़क के बारे में कई बार शासन और प्रशासन को अवगत करा दिया है लेकिन शासन प्रशासन कुछ भी कार्रवाई करने के लिए तैयार नहीं है. कहा कि कई बार हम लोगों ने टीवी चैनल से लेकर अखबारों में तक अपने गांव की समस्या के बारे में अवगत करा दिया है लेकिन कुछ भी कार्यवाही नहीं हो पा रही है. आपको बता दें कि लाँजी पोखनी गांव के स्थानीय ग्रामीण अपने बीमार व्यक्तियों को दण्डी कंडी के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाते हैं, ग्रामीणों का यह भी कहना है कि यदि गांव में यदि कोई महिला गर्भवती हो जाती है तो उस वक्त काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है सभी ग्रामीणों को. बता दें कि आज भी चमोली जिले के दर्जनों गांव सड़क की राह मैं टकटकी लगाए हुए बैठे हैं,

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