हिमाचल राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ (एच जी सी टी ए) ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के आंतरिक मूल्यांकन के निर्णय का किया विरोध

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लोकेशन-नूरपुर

भूषण शर्मा

राजकीय उत्कृष्ट आर्य महाविद्यालय नूरपुर में राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ की बैठक हुई।जिसमें हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. जे. एस. नेगी द्वारा निकाली गई अधिसूचना की कड़े शब्दों में निंदा की गई। विदित है कि इस अधिसूचना में द्वितीय वर्ष के छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं का महाविद्यालय स्तर पर आंतरिक मूल्यांकन का निर्णय लिया गया है।

एच जी सी टी ए के स्थानीय इकाई के अध्यक्ष डॉ. पी एल भाटिया ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की इस अधिसूचना का जोरदार विरोध किया जाएगा और महाविद्यालय के प्राध्यापक इस आंतरिक मूल्यांकन में हिस्सा नहीं लेंगे। उन्होंने कहा की कोरोना काल में छात्रों के विषय को देखते हुए प्राध्यापक साथियों ने तृतीय वर्ष के छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं का आंतरिक मूल्यांकन किया था जबकि द्वितीय व प्रथम वर्ष के छात्र पदोन्नत किए गए थे।उन्होंने कहा है कि विश्वविद्यालय के कुलपति को पहले ही द्वितीय व प्रथम वर्ष की उत्तर पुस्तिकाओं का आंतरिक मूल्यांकन न करने का ज्ञापन दिया जा चुका है और यह भी बताया गया है की आंतरिक मूल्यांकन का प्राध्यापकों पर स्थानीय लोगों का दबाव बना रहता है और यह मूल्यांकन जैसे कि भूतपूर्व में होता था वैसे ही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर विश्वविद्यालय प्रशासन इस अधिसूचना को वापस नहीं करता है तो एच जी सी टी ए हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के परीक्षा व सम कुलपति का घेराव करेगा।

 

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