अकिल बक्शी की समाजसेवा के इस जज्बे के कारण नूरपुर के लोग उन्हें हिमाचल का सोनू सूद कहते हैं

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आज का समाचार के लिए नूरपुर से भूषण शर्मा की रिपोर्ट

नूरपुर में जब भी कोई बेसहारा , लाचार या बीमार घर या अस्पताल के बिस्तर पर होता है तो उसे अपनो से अधिक समाजसेवी आईएएस अकिल बक्शी पर भरोसा होता है । कोई आये न आये अकिल बक्शी दीन दुखियों की मदद के लिए हरपल तत्पर दिखते हैं । किसी असहाय मरीज की आंखों में एकदम चमक आ जाती है जब अकिल बक्शी उनके सामने उनके बिस्तर पर बैठे होते हैं । बात चाहे रिट के हरकेश की हो या भुगतयाली की संध्या देवी की , बात कोपडा के दुधमुंहे आर्यन की करें जिसके दिल मे छेद था या भुगनाड़ा की आशा वर्कर ज्योत्स्ना के घर टॉयलेट न होने की जिस कारण उसे शर्मिंदगी का सामना करना पड़ रहा था , अकिल बक्शी ने एक फ़रिश्ते की भांति आकर इस तरह के असंख्य लोगों की मदद की । अकिल बक्शी ने न केबल जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं बल्कि नूरपुर की 50 पंचायतों में लाइब्रेरी खोलकर हिमाचल प्रदेश में एक नया आयाम स्थापित किया । आज नूरपुर गर्व के साथ कह सकता है कि उसकी हर पंचायत में लाइब्रेरी है । अकिल बक्शी की सोच युवाओं में शिक्षा की लौ जगाकर उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के बारे जानकारी देना है ताकि युवा रोजगार के लिए न भागें अपितु रोजगार उनके पीछे भागे । युवाओं की सेहत व उन्हें नशे से दूर रखने के लिए अकिल बक्शी ने युवाओं को खेल के मैदान की तरफ मोड़ने का बीड़ा उठाया है । उन्होंने लक्ष्य रखा है कि नूरपुर की प्रत्येक पंचायत के युवक मण्डलों को स्पोर्ट्स किट प्रदान की जाए ताकि वे बेहतर कल की नींव रख सकें । अब तक नूरपुर की 9 पंचायतों क्रमश खन्नी , सुखार , भलून लदोड़ी नागनी , खेरियाँ , मिंजग्रां पक्का टियाला और कोट पलाहडी पंचायत के युवक मण्डलों को ‘ अकिल बक्शी जनकल्याण स्पोर्ट्स किट ‘ प्रदान की है । नूरपुर के लोग उनमें नूरपुर का भविष्य तलाश रहे हैं तो अकिल बक्शी समाजसेवा के जरिये नूरपुर के लोगों का सुखदुख बांटने में व्यस्त हैं । उनके समाजसेवा के इस जज्बे के कारण नूरपुर के लोग उन्हें हिमाचल का सोनू सूद कहते हैं

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