तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. राम लाल मारकण्डा ने किया दो दिवस राष्ट्रीय सेमिनार का समापन

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आज का समाचार के लिए बिलासपुर से रंजू जमवाल की रिपोर्ट

स्वामी विवेकानंद राजकीय महाविद्यालय मे दो दिवसीय आईएसएसआर प्रायोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी के दूसरे दिन के प्रथम सत्र में मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार त्रिलोक जमवाल ने मुख्य अतिथि के रुप मे शिरकत की। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतवर्ष को आजादी सदियों के बाद मिली है। त्रिलोक जमवाल ने कहा कि इस स्वतन्त्रता के लिए अनेकों वीर सपूतों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया है और भारत को वर्तमान स्वरुप में लाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।उन्होंने विद्याथियों से आह्वान किया की देश के गौरवपूर्ण इतिहास को जाने, स्वाध्याय करें तभी वे आजादी के अमृत महोत्सव के मूल को जान पाएंगे तभी आजादी के अमृत महोत्सव मानने की सार्थकता होगी अन्यथा यह एक औपचारिकता मात्र रह जायेगी । उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर वर्तमान तक भारत की आजादी के संघर्ष और बलिदान को याद करते हुए कहा कि शिक्षकों को विद्यार्थियों में सुविचारों का बीजारोपण करें ताकि उनमें राष्ट्र सर्वोपरी की भावना फलीभूत हो।
सांयकालीन सत्र में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रामलाल मारकंडा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की । उन्होंने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के समक्ष चुनौतियों से हम सबको निपटना होगा।उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं को जान भागीदारी से ही धरातल पर उतारा जा सकता है । इस अवसर पर विशेष अतिथि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के युवा, खेल तथा सांस्कृतिक गतिविधियों के निदेशक ने कर्तव्य निष्ठा तथा समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया।
सेमिनार के मुख्य वक्ता प्रतिष्ठित शिक्षाविद डॉ. मनोज तीवेतिया ने मानव विकास, सामाजिक विकास और विकास महोत्सव में जन भागीदारी पर व्याख्यान दिया।
डॉ. नीतम चंदेल ने मुख्य अतिथि एवम अन्य अतिथियों, प्रतिभागियों का स्वागत किया और सेमिनार के दूसरे दिन के विषय आजादी का अमृत महोत्सव से अवगत करवाया ।
वही कॉलेज प्राचार्य प्रो.रामकृष्ण ने स्वागत भाषण में आत्मनिर्भर भारत, आयुष्मान भारत,एक श्रेष्ठ भारत, स्किल इंडिया का जिक्र करते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर हर एक शैक्षणिक संस्थानों में इस प्रकार के संगोष्ठियों होनी चाहिए ताकि हम राष्ट्रीय शिक्षा नीति को सफल रुप से क्रियान्वित किया जा सके । इस अवसर आप विशेज अतिथि बिलासपुर महाविद्यालय की प्राचार्या डा.नीना वासुदेवा ने अपने उद्बोधन में सबका स्वागत करते हुए के कहा हम देश के पचहत्तर वर्ष पूरे होने वाले है लेकिन आज भी हमे समाज के संकीर्ण भावनाओ से आजाद होना बाकी है जिसके लिए हमे संकल्पित होकर कार्य करना होगा । कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक सुरेश शर्मा ने किया।
इस सेमीनार में डा.नीना वासुदेवा, हिमाचल प्रदेश विश्व विद्यालय के युवा, खेल और संस्कृति विभाग के अध्यक्ष डा. पी.एन. बंसल , घुमारवीं भाजपा मण्डल महामंत्री राजेश शर्मा डा.मनोज तेवतिया, डा.दीपाली शांडिल,
अन्य शोधार्थी, प्रतिभागी और महाविद्यालय के विभिन्न संकायों के आचार्य उपस्थित रहे ।

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