मृतक वंदना के परिजनों ने नालागढ़ रेस्ट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार

himachal

आज का समाचार के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

मृतक वन्दना के परिजन आज सोलन जिला के नालागढ़ के विश्राम गृह पहुँचे। यहाँ मृतक वन्दना के परिजनों ने प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन से गुहार लगाई की मृतक वन्दना को इंसाफ मिले और उसके ससुराल पक्ष को सज़ा मिले। मृतिका के परिजनों ने पत्रकार वार्ता में बताया है कि जिला ऊना से सम्बंध रखने वाली मृतक वन्दना की शादी 13 साल पहले नालागढ़ के एक व्यवसायी के साथ हुई थी। उसके 2 बच्चे है एक बेटा ओर एक बेटी। परिजनों ने बताया कि मृतका वन्दना को शादी के बाद प्रताड़ित किया जाता है उसके साथ मारपीट भी की जाती थी और उसको अपशब्द बोल कर बात बात पर परेशान किया जाता था। मायके पक्ष ने बताया कि उनकी बेटी पिछले दिनों से घर से लापता थी लेकिन ससुराल पक्ष ने उसकी गुमशुदी की रिपोर्ट न ही पुलिस को दी थी ओर न ही मायके पक्ष को मृतिका के घर से जाने की सूचना दी । परिजनों ने बताया कि मृतक का शव 3 दिन पहले पंजाब के पटियाला नहर मे पानी मे मिला।


मृतिका के परिजनों ने ये भी बताया कि जब उस शव की शिनाख्त के लिए इन्हें बुलाया गया तो इन्होंने उस शव को पहचानने से इनकार कर दिया,लेकिन जैसे तैसे शव की शिनाख्त हुई तो मृतिका के परिजन संस्कार के लिए उसका शव ऊना ले आये ओर वही उसका अंतिम संस्कार किया। मृतिका की भाभी ने बताया कि वन्दना को शादी के बाद से सास ससुर व पति के द्वारा टॉर्चर किया जाता था। और कई बार उसको मार पीट कर घर से निकाला गया था। लेकिन कुछ समाजसेवी लोगो के द्वारा उनको समझा बुझा कर आपसी समझौता करवा दिता जाता था।
मृतिका के भाई ने बताया कि मृतक वन्दना अपने पीछे 11 साल की बेटी और 5 साल का लकड़ा छोड़ गई है। इसके अलावा मायके पक्ष ने बताया कि मृतक वन्दना के ससुराल वालों ने मन घडंत कहानियां बना रहे है कि बहु को डेंगू हो गया और वो अपने मायके में चली गई है उंन्होने कहा कि जबकि ऐसा कुछ भी नही था। उनकी बेटी को साजिश के तहत मारा गया है और सास ससुर दोनों ही घटना के बाद से गायब है। जबकि पुलिस प्रशासन ने लड़के को गिरफ्तार कर लिया हुआ है। मृतिका की भाभी ओर भाई ने बताया कि इसके अलावा मृतक
बंदना और बच्चों को दैनिक जरूरत की चीजों से भी वंचित रखा जाता था ।यहाँ तक कि बंदना के मेडिकल और बच्चों के मेडिकल और वंदना की डिलीवरी और चिकित्सा के बिल का खर्च भी मायके पक्ष द्वारा किया गया था।

उंन्होने कहा कि इसके अलावा समय-समय पर मृतक वन्दना को एचआरटीसी के परिचालक के माध्यम से दैनिक जरूरतों का सामान भेजा जाता रहा ससुराल पक्ष द्वारा लड़की को मानसिक व शारीरिक उत्पीड़ित किया जाता था ताकि बच्चों को लेकर घर से लेकर निकल जाए।उंन्होने कहा कि मृतक वन्दना का जब शव मिला तो ससुर तथा पति ने वंदना की बॉडी को पहचानने से ही इनकार कर दिया।।मायके पक्ष ने प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है और कहा कि इन सभी को गिरफ्तार कर जेल में डाला जाए और सख्त सख्त से सजा दी जाए। ताकि ऐसी वारदात करने वालो की रूह कांप जाए।

 

इस मौके पर मीनाक्षी राणा प्रदेश सचिव बीजेपी महिला मोर्चा , पुष्पा चौधरी नव अध्यक्षा ऊना, उर्मिला चौधरी, इंदु, चरणदास सूत्र चक्कर, खामोश, सीमा दत्ता, रितु, नवनीत कश्यप ,रविंदर , आरती शर्मा, तबसुम बेगम, पारिवारिक सदस्यों में भाई वरुण, नेहा,ईश, रामपाल, पुनीत शर्मा ,अरुण, राहुल पुरी ,गुलशन सिंह, प्रोमिला शुभम सैनी, निशा देवी , आरडी वर्मा आदि उपस्थित रहे।

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