68वें अखिल भारतीय सहकारी के अवसर पर जिला स्तरीय समारोह हारकुकार में आयोजित

bilaspur himachal

खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री ने की अध्यक्षता

घुमारवीं बिलासपुर से रंजू जम्वाल की रिपोर्ट 

68वें अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह के अवसर पर आज हारकुकार घुमारवीं में जिला स्तरीय समारोह की अध्यक्षता करते हुए खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजिन्द्र गर्ग ने कहा कि सहकारिता समाज, देश और प्रदेश के आम जन के लिए उनकी आवश्यक आर्थिकी के रुप में आवश्यकताओं तथा लेन-देन को घर-द्वारा पर प्रदान करने का कार्यक्रम है। वहीं हमारे समाज में रोजगार को सृजन करने का महत्वपूर्ण कार्यक्रम है और जिस तरह थीम निर्धारित किया गया है सहकार से समृद्धि अपने-आप में ही प्रसांगिक है।
उन्होंने कहा कि पूरा देश और प्रदेश वैश्विक महामारी कोरोना के आर्थिक संकट से जुझ रहा है और इससे आर्थिकी पर विपरित असर पड़ा है। इससे निजात पाते हुए आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए यह कार्यक्रम देश और प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को अनेक अवसर दिलाने का कार्यक्रम भी है और वहीं पर सहकारिता हमारे समाज में परस्पर विश्वास पर भी निर्भर करती है।
उन्होंने कहा कि सन् 1892 में ऊना जिला के पंजावर गांव में सहकारिता की नींव रखी गई जो आज जन आंदोलन बनकर पूरे देश में 6 लाख से ज्यादा और प्रदेश में 5 हजार से ज्यादा सभा की शाखाएं चल रही है। उन्होंने कहा कि यही शाखाएं दूर दराज ग्रामीण स्तर तक गरीबों, बेरोजगारों को घर-द्वार पर ही ऋण मुहैया करवाती है।
उन्होंने बिलासपुर में कार्यरत कामधेनु सहकार सभा का उदाहरण देते हुए कहा कि कामधेनु दूध के क्षेत्र में क्रांति लाकर दूध से बनने वाले अनेकों उत्पाद तैयार कर बेरोजगारों की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के सुअवसर प्रदान कर रही है।
उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सहकार क्षेत्र को मजबूत करने के लिए केन्द्र में अलग से सशक्त मंत्रालय का गठन कर उसकी जिम्मेदारी केन्द्रीय गृह मंत्री को सौंपी गई है और इन सभाओं एवं डिपूओं की क्षमता को विकसित करने के लिए एक हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि ईफको द्वारा किसानों के लिए खाद, बीज और दवाईयां उपलब्ध करवाकर किसानों के सुदृढ़ीकरण करने के लिए सराहनीय कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सहाकारिता में रोजगार बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार ने भी प्राथमिकता कृषि सेवा सहकारी सभाओं को बहु सेवा केन्द्रों में बदलने की कार्यवाही सितम्बर, 2020 से लागू कर दी गई है जिसके तहत जिला की 6 प्राथमिक सहकारी सभाओं को लगभग 3 करोड़ 3 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने कहा कि जिला बिलासपुर में 82 प्राथमिक ग्राम सेवा सहकारी सभाओं में से 51 सहकारी सेवाएं प्रति वर्ष लाखों रुपये का लाभ अर्जित कर रही है और जिला बिलासपुर में सहकारी सभाओं से एक लाख 1 हजार 882 सदस्य जुड़े हुए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने विधानसभा में सहकारी सभाओं के अंकेक्षण बिल पारित किया गया है जिसमें सभाओं की जबावदेही एवं जिम्मेदारी सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि सहकार में संस्कार नहीं होगा तो इसके उद्देश्य के निर्वहन में अस्पष्टता बनी रहेगी इसलिए सभाओं के सभी पदाधिकारी लोक कल्याण के लिए सभाओं में ईमानदारी व पारदर्शिता से कार्य करें और यह भी संकल्प लें कि सभाओं के माध्यम से स्वरोजगार के अधिक से अधिक अवसर सृजित हो और इनकी मार्किटिंग का भी बेहतर प्रबंधन करें।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा हिमाचल के निचले क्षेत्रों के लिए एचपी शिवा प्रोजेक्ट के तहत बागवानों को फलदार पौधे, जमीन को समतल करवाना, सिंचाई व जंगली जानवरों से बचाव के लिए सोलर फैसिंग की सुविधा मुफ्त उपलबध करवाई जा रही है जिससे बेरोजगार युवाओं को रोजगार की असीम सम्भवनाएं मिलेगी।
उन्होंने भाग ले रही 12 सहकारी सभाओं को ईफको की ओर से बैटरी संचालित पंप भी वितरित किए। इस गोष्ठी में सभाओं की ओर से आई किसानों और बागवानों की समस्याएं सरकार के द्वारा समाधान करने का प्रयास किया जाएगा।
इस मौके पर मार्किटिंग मैनेजर ईफको सुधीर मान ने किसानों के लिए किए जा रहे बेहतरीन कार्य के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि ईफको द्वारा एक पहल नैनो यूरिया तरल का नया पैटेंट तैयार किया है जिसमें यूरिया की प्रति बोरी की अपेक्षा 90 प्रतिशत अधिक क्षमता है और इससे उपज में भी 7 से 10 प्रतिशत वृद्धि होती है तथा इसकी किमत 10 प्रतिशत कम है और इसे बड़ी आसानी से लाया और ले जाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आधा लीटर तरल पदार्थ 5 बोरियों के बराबर काम करेगा।
इस दौरान सहायक पंजीयक सहाकारी सभाएं बिलासपुर राकेश कुमार ने कहा कि देश में हर वर्ष 14 से 20 नवम्बर तक सहकारी सप्ताह आयोजित किया जाता है जिसके तहत सहकारिताओं की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए बिलासपुर में अनेकों कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि सहकारिता आंदोलन की विचार धारा, उपयुक्तता और प्रचार-प्रसार के लिए सहकारी सप्ताह समारोह का आयोजन आवश्यक है।
समारोह में अध्यक्ष जिला विपणन व उपभोक्ता संघ महेन्द्र पाल रतवान ने कहा कि विपणन व उपभोक्ता संघ द्वारा बिलासपुर, झण्डूता व घुमारवीं के अस्पतालों में उपभोक्ताओं को 2.5 करोड़ की दवाईयां वितरित की गई है जिसमें लोगों को 5 से 30 प्रतिशत छूट दी गई है तथा इसके अतिरिक्त कोरोना काल के दौरान 400 मरीजों को उनके घर-द्वारा पर बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के दवाईयां, मास्क और सैनेटाईजर वितरित किए गए है।
इस अवसर पर अध्यक्ष जिला सहकारी विकास संघ हरि बलभ्भ कौशल द्वारा सभी का स्वागत करते हए अपने सम्बोधन में ‘नवाचार को बढ़ाना देने, रोजगार सृजन और व्यवसायिकता लाने में सहकारिता की भूमिका’ पर प्रकाश डाला।
समारोह में निदेशक हिमाचल प्रदेश राज्य सहाकारी बैंक राम गोपाल, निदेशक भूमि विकास बैंक नंद लाल, पूर्व उपाध्यक्ष भूमि विकास बैंक मोहर सिंह ठाकुर, काॅपरेटिव सोसायटी निदेशक रक्षा कपिल, मण्डलाध्यक्ष सुरेश ठाकुर, महामंत्री राजेश शर्मा सहित जिला की विभिन्न सहकारी सभाओं के पदाधिकारी, कर्मचारी व अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

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